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चैत्र महीने के नवरात्रि होने वाले हैं शुरू,जानिए नवरात्रि का शुभ मुहूर्त।

यह तो सब जानते हैं कि हिंदू धर्म में नवरात्रि का एक विशेष स्थान है। हिंदू धर्म में नवरात्रि के 9 दिन तक नौ माताओं के रूप की विधि विधान से पूजा की जाती है। इतना ही नहीं कई लोग नवरात्रि के 9 दिन तक व्रत भी रखते हैं।

वैसे तो 1 साल में नवरात्रि 4 बार आती है l दो बार गुप्त नवरात्रि और एक बार चैत्र के महीने में और दूसरी अश्विन मास के महीने में। चारों ही नवरात्रि का अपना अलग विशेष महत्व होता है, लेकिन आपको बता दें जो चैत्र और अश्विन कि नवरात्रि होती है वह कुछ खास होती है।

चैत्र का महीना शुरू हो रहा है और यह हिंदू पंचांग के मुताबिक पहला महीना होता है जिसमें Chaitra Navratri  की शुरुआत की जाती है। आपको बता दें कि मां दुर्गा को सुख संपति और धन की देवी कहा जाता है इसलिए नवरात्रि के दिनों में माता की पूजा की जाती है।

लेकिन पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त पता होना बहुत जरूरी है जो हम आपको आगे के आर्टिकल में बताने वाले हैं। चलिए जानते हैं आगे Chaitra Navratri 2022 Subh Muhrat  के बारे में विस्तार से।

कलश है भगवान विष्णु का रूप

बहुत से लोग नवरात्रि के दिनों में जब व्रत रखते हैं तो वह एक कलश को भी रखते हैं। लेकिन कई लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें यह पता नहीं होता है कि उस कलश में भी किसी भगवान का रूप होता है। जी हां आपको बता दें कि उस कलश में भी भगवान विष्णु का रूप होता है।

इसलिए 9 दिन तक उस कलश की पूजा की जाती है और अखंड ज्योत जलाई जाती है। क्लेश को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है l इसलिए मां दुर्गा की पूजा करने से पहले कलश की पूजा की जाती है। आप Chaitra Navratri 2022 Puja Ki Vidhi को ध्यान से समझ कर ही विधिपूर्वक व्रत रखना l

आपको बता दें कि कलश को पूजा में रखने से सभी देवी देवताओं का आहवाहन किया जाता है और 9 दिनों तक पूजा की जाती है।

चैत्र महीने में घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

आपको बता दें कि इस साल Chaitra Navratri 2022 घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 2 अप्रैल 2022 में शनिवार की सुबह 6:22 से लेकर 8:31 मिनट तक रहेगा। यानी आप समझ लो कि कुल अवधि 2 घंटे 9 मिनट की रहेंगी। आपको बता दें कि नवरात्रि 2 अप्रैल से शुरू होंगे और 11 अप्रैल तक चलेंगे।

कलश स्थापना कैसे करें

2 अप्रैल को सुबह उठकर सबसे पहले आपको स्नान करना होगा। स्नान करने के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहने, उसके बाद आप घर के मंदिर की साफ सफाई करें। मंदिर की सफाई करने के बाद जिस जगह पर आप कलश स्थापना करेंगे वहां पर आप पहले गंगाजल छीड़के l

फिर मंदिर में लाल कपड़ा बिछाए और उसके ऊपर वहां पर चावल रखें। उसके बाद आप एक मिट्टी के पात्र में जो बोए फिर इस पात्र के ऊपर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें। कलश के ऊपर आम के पत्ते रखें, और कलश के चारों तरफ परांदा बांधे आम के पत्तों के ऊपर एक नारियल रखें उस नारियल के बाहर से लाल चुनरी बांधे।

फिर उसके बाद आप ज्योत जलाए और Chaitra Navratri 2022 के दिन माता दुर्गा की पूजा करें। लेकिन आपको एक बात का ध्यान रखना होगा आपको लोटा सिर्फ सोना, चांदी, पीतल, तांबा या फिर मिट्टी का ही रखना है।

आपको स्टील का लोटा नहीं रखना है,क्योंकि पूजा में स्टील या अन्य अशुद्ध धातु का कलश पूजा में नहीं रखा जाता है l

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